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(1) वह [[Special:MyLanguage/ascended master|दिव्यगुरु]] (ascended master) जिसने [[Special:MyLanguage/cosmic consciousness|ब्रह्मांडीय चेतना]] (cosmic consciousness) प्राप्त कर ली है और जो आकाशगंगाओं (galaxies) से दूर कई दुनियाओं और दुनिया की प्रणालियों (systems) के [[Special:MyLanguage/light|प्रकाश]]/ऊर्जा/चेतना से [[Special:MyLanguage/Great Central Sun|महान केंद्रीय सूर्य]] (Great Central Sun) के पीछे के सूर्य तक पहुंचने में सामर्थ है। | (1) वह [[Special:MyLanguage/ascended master|दिव्यगुरु]] (ascended master) जिसने [[Special:MyLanguage/cosmic consciousness|ब्रह्मांडीय चेतना]] (cosmic consciousness) प्राप्त कर ली है और जो आकाशगंगाओं (galaxies) से दूर कई दुनियाओं और दुनिया की प्रणालियों (systems) के [[Special:MyLanguage/light|प्रकाश]]/ऊर्जा/चेतना से [[Special:MyLanguage/Great Central Sun|महान केंद्रीय सूर्य]] (Great Central Sun) के पीछे के सूर्य तक पहुंचने में सामर्थ है। | ||
(2)ईश्वर का वह जीव जो कभी भी [[Special:MyLanguage/Christ|आत्मा]] की चेतना से समझौता करके उसे कम होने नहीं दिया, जिसने कभी भी भौतिक शरीर धारण नहीं किया, जिसने कभी भी मानव शरीर में नकरात्मक [[Special:MyLanguage/karma|कर्म]] नहीं बनाए | (2)ईश्वर का वह जीव जो कभी भी [[Special:MyLanguage/Christ|आत्मा]] की चेतना से समझौता करके उसे कम होने नहीं दिया, जिसने कभी भी भौतिक शरीर धारण नहीं किया, जिसने कभी भी मानव शरीर में नकरात्मक [[Special:MyLanguage/karma|कर्म]] नहीं बनाए और जो हमेशा [[Special:MyLanguage/Cosmic Virgin|ब्रह्मांडीय अक्षत]] (Cosmic Virgin) का हिस्सा बन कर आत्माओं के दुखों की घाटी से कृतज्ञ माँ के पवित्र (Immaculate) ह्रदय में पुनः वापसी के लिए एक ब्रह्मांडीय संतुलन बनाये रखता है। | ||
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