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Kuthumi/hi: Difference between revisions

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छठी शताब्दी बी.सी में ये यूनानी दार्शनिक पाइथागोरस थे। जिन्हें "गोरे बालों वाला सैमियन" (fair-haired Samian) भी कहा जाता था। इन्हें [[Special:MyLanguage/Apollo|अपोलो]] (Apollo) का पुत्र माना जाता था। युवावस्था में एक बार जब ये ध्यान में थे तो डेमेटर (Demeter) (यूनान में कृषि की देवी जिन्हें धरती की माँ भी कहते हैं) ने इन्हें आतंरिक न्याय के बारे में ज्ञान दिया। इसके बाद से इस ज्ञान का वैज्ञानिक प्रमाण जानने के लिए ये अक्सर पुजारियों और विद्वानों के साथ निर्भीक रूप से चर्चा करते लगे। सत्य की खोज में ये कई स्थानों, जैसे फिलिस्तीन, अरब, और भारत गए। अंततः ये मिस्र के मंदिरों में पहुंचे जहां उन्होंने मेम्फिस (Memphis) के पुजारियों का विश्वास जीता तथा थेब्स (Thebes) नामक शहर में [[Special:MyLanguage/Isis|आइसिस]] (Isis) (मिस्र की देवी जिन्हें दिव्य माँ भी कहते हैं) के रहस्यों को जानने शिष्यता प्राप्त की।
छठी शताब्दी बी.सी में ये यूनानी दार्शनिक पाइथागोरस थे। जिन्हें "गोरे बालों वाला सैमियन" (fair-haired Samian) भी कहा जाता था। इन्हें [[Special:MyLanguage/Apollo|अपोलो]] (Apollo) का पुत्र माना जाता था। युवावस्था में एक बार जब ये ध्यान में थे तो डेमेटर (Demeter) (यूनान में कृषि की देवी जिन्हें धरती की माँ भी कहते हैं) ने इन्हें आतंरिक न्याय के बारे में ज्ञान दिया। इसके बाद से इस ज्ञान का वैज्ञानिक प्रमाण जानने के लिए ये अक्सर पुजारियों और विद्वानों के साथ निर्भीक रूप से चर्चा करते लगे। सत्य की खोज में ये कई स्थानों, जैसे फिलिस्तीन, अरब, और भारत गए। अंततः ये मिस्र के मंदिरों में पहुंचे जहां उन्होंने मेम्फिस (Memphis) के पुजारियों का विश्वास जीता तथा थेब्स (Thebes) नामक शहर में [[Special:MyLanguage/Isis|आइसिस]] (Isis) (मिस्र की देवी जिन्हें दिव्य माँ भी कहते हैं) के रहस्यों को जानने शिष्यता प्राप्त की।


लगभग ५२९ बीसी के दौरान जब एशिया के एक विजेता कमबाईसिस ने मिस्र पर आक्रमण किया तो पाइथागोरस को बेबीलोन भेज दिया गया। धर्मदूत डैनियल यहाँ पर राजा के मंत्री के पद पर कार्यरत थे। यहां पर धर्मगुरुओं ने उन्हें [[Special:MyLanguage/I AM THAT I AM|ईश्वरीय स्वरूप]] के बारे में शिक्षा दी - यह शिक्षा पहले [[Special:MyLanguage/Moses|मूसा]] को दी गई थी। पारसी पुजारियों [[Special:MyLanguage/magi|मैगी]] ने उन्हें संगीत, खगोल विज्ञान और आह्वान करने के विज्ञान के बारे में शिक्षा दी। पाइथागोरस यहाँ पर १२ साल रहे जिसके उपरान्त उन्होंने बेबीलोन छोड़ दिया और [[Special:MyLanguage/Crotona|क्रोटोना]] में चेलों के एक ब्रदरहुड की स्थापना की। क्रोटना दक्षिणी इटली में स्थित डोरियन का एक व्यस्त बंदरगाह है। यह स्थान [[Special:MyLanguage/Great White Brotherhood|श्वेत महासंघ]] (ग्रेट वाइट ब्रदरहुड) का एक [[Special:MyLanguage/mystery school|रहस्यवादी विद्यालय]] (मिस्ट्री स्कूल) है।
लगभग ५२९ बीसी के दौरान जब एशिया के एक विजेता कमबाईसिस ने मिस्र पर आक्रमण किया तो पाइथागोरस को बेबीलोन भेज दिया गया। धर्मदूत डैनियल यहाँ पर राजा के मंत्री के पद पर कार्यरत थे। यहां पर धर्मगुरुओं ने उन्हें [[Special:MyLanguage/I AM THAT I AM|ईश्वरीय स्वरूप]] (I AM THAT I AM) के बारे में शिक्षा दी - यह शिक्षा पहले [[Special:MyLanguage/Moses|मूसा]] (Moses) को दी गई थी। पारसी पुजारियों [[Special:MyLanguage/magi|मैगी]] (magi) ने उन्हें संगीत, खगोल विज्ञान और आह्वान करने के विज्ञान के बारे में शिक्षा दी। पाइथागोरस यहाँ पर १२ साल रहे जिसके उपरान्त उन्होंने बेबीलोन (Babylon) छोड़ दिया और [[Special:MyLanguage/Crotona|क्रोटोना]] (Crotona) में चेलों के एक महासंघ (brotherhood) की स्थापना की। क्रोटना दक्षिणी इटली में स्थित डोरियन (Dorian) का एक व्यस्त बंदरगाह है। यह स्थान [[Special:MyLanguage/Great White Brotherhood|श्वेत महासंघ]] (Great White Brotherhood) का एक [[Special:MyLanguage/mystery school|रहस्यवादी विद्यालय]] (mystery school) है।


क्रोटोना में कुछ चुने गए पुरुषों और स्त्रियों ने सार्वभौमिक कानून की गणितीय अभिव्यक्ति पर आधारित एक दर्शन का अनुसरण किया। यह उनके अनुशासित तरीके के जीवन की  लय और सद्भाव एवं संगीत में चित्रित है। पांच साल की कठिन मौन के बाद, पाइथागोरस के "गणितज्ञों" ने अमर होने के लिए नाना प्रकार की दीक्षाओं के माध्यम से अपने हृदय की अंतर्ज्ञानी क्षमताओं का विकास किया। पाइथागोरस के ''गो”ल्डन वर्सेज'' में इन्हें “अमरता प्राप्त किये हुए दिव्य ईश्वर, जो अंनश्वर हैं”, कहा गया है।
क्रोटोना में कुछ चुने गए पुरुषों और स्त्रियों ने सार्वभौमिक कानून की गणितीय अभिव्यक्ति पर आधारित एक दर्शन का अनुसरण किया। यह उनके अनुशासित तरीके के जीवन की  लय और सद्भाव एवं संगीत में चित्रित है। पांच साल की कठिन मौन के बाद, पाइथागोरस के "गणितज्ञों" ने अमर होने के लिए नाना प्रकार की दीक्षाओं के माध्यम से अपने हृदय की अंतर्ज्ञानी क्षमताओं का विकास किया। पाइथागोरस के ''गो”ल्डन वर्सेज'' में इन्हें “अमरता प्राप्त किये हुए दिव्य ईश्वर, जो अंनश्वर हैं”, कहा गया है।
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