10,691
edits
JaspalSoni (talk | contribs) No edit summary Tags: Mobile edit Mobile web edit |
JaspalSoni (talk | contribs) No edit summary |
||
| Line 68: | Line 68: | ||
हज़ार भुजाओं और आँखों से लोगों को देख पाती हैं और उनकी सहायता कर पाती हैं। | हज़ार भुजाओं और आँखों से लोगों को देख पाती हैं और उनकी सहायता कर पाती हैं। | ||
बारहवीं सदी के दौरान कुछ बौद्ध भिक्षु पू-तो शान (P’u-t’o Shan) पर रहने लगे और कुआन यिन के प्रति भक्ति सम्पूर्ण उत्तरी चीन में फैल गई। यह प्रकृतिमनोहर द्वीप (picturesque island) इस दयालु उद्धारकर्ता की पूजा का मुख्य केंद्र बन गया। चीन के दूरदराज इलाकों से ही नहीं वरन मंचूरिया, मंगोलिया और तिब्बत से भी तीर्थयात्री यहां आने लगे। एक समय ऐसा भी था जब इस द्वीप पर कुआन यिन के सौ से अधिक मंदिर थे, और एक हजार से अधिक भिक्षु यहां रहते थे। पु-तो द्वीप की दंतकथाओं में कुआन यिन द्वारा किए गए चमत्कारों का वर्णन है। ऐसा माना जाता है कि कुआन यिन कभी कभी यहाँ की एक गुफा में अपने भक्तों को दर्शन देती हैं। | बारहवीं सदी के दौरान कुछ बौद्ध भिक्षु पू-तो शान (P’u-t’o Shan) पर रहने लगे और कुआन यिन के प्रति भक्ति सम्पूर्ण उत्तरी चीन में फैल गई। यह प्रकृतिमनोहर द्वीप (picturesque island) इस दयालु उद्धारकर्ता की पूजा का मुख्य केंद्र बन गया। चीन के दूरदराज इलाकों से ही नहीं वरन मंचूरिया, मंगोलिया और तिब्बत से भी तीर्थयात्री यहां आने लगे। एक समय ऐसा भी था जब इस द्वीप पर कुआन यिन के सौ से अधिक मंदिर थे, और एक हजार से अधिक भिक्षु यहां रहते थे। पु-तो द्वीप (P’u-t’o island) की दंतकथाओं में कुआन यिन द्वारा किए गए चमत्कारों का वर्णन है। ऐसा माना जाता है कि कुआन यिन कभी कभी यहाँ की एक गुफा में अपने भक्तों को दर्शन देती हैं। | ||
<span id="Traditions_in_Taiwan"></span> | <span id="Traditions_in_Taiwan"></span> | ||
edits