Jump to content

Afra/hi: Difference between revisions

no edit summary
No edit summary
No edit summary
Line 9: Line 9:
प्राचीन समय में जब अफ्रीका लेमूरिआ (Lemuria) नामक महाद्वीप का हिस्सा था तब वहां पर [[Special:MyLanguage/golden age|सतयुग]] था। उस समय लोग [[Special:MyLanguage/Great Divine Director|ग्रेट डिवाइन डायरेक्टर]] (Great Divine Director) के [[Special:MyLanguage/causal body|महान कारण शरीर]] (Causal Body) के प्रकाश से उत्पन्न हुए थे। ग्रेट डिवाइन डायरेक्टर आज भी अफ्रीका महाद्वीप की दिव्य योजना के संरक्षक हैं यंहा तक कि वह अमेरिका में आफरा के वंशजो की दिव्य योजना का भी संरक्षक करते हैं।
प्राचीन समय में जब अफ्रीका लेमूरिआ (Lemuria) नामक महाद्वीप का हिस्सा था तब वहां पर [[Special:MyLanguage/golden age|सतयुग]] था। उस समय लोग [[Special:MyLanguage/Great Divine Director|ग्रेट डिवाइन डायरेक्टर]] (Great Divine Director) के [[Special:MyLanguage/causal body|महान कारण शरीर]] (Causal Body) के प्रकाश से उत्पन्न हुए थे। ग्रेट डिवाइन डायरेक्टर आज भी अफ्रीका महाद्वीप की दिव्य योजना के संरक्षक हैं यंहा तक कि वह अमेरिका में आफरा के वंशजो की दिव्य योजना का भी संरक्षक करते हैं।


श्याम वर्ण के बहुत सारे लोगों ने मोक्ष प्राप्त किया है, पर अगर हम आध्यात्मिक दृष्टिकोण से देखें तो पाएंगे की वर्णों में कोई भेद नहीं होता - चाहे श्वेत हो या श्याम। स्वर्ग में जो गुरु हैं वे इस बात से नहीं जाने जाते की पृथ्वी पर उनका क्या वर्ण या धर्म था। पृथ्वी पर सभी वर्णों के प्राणी ईश्वर की ही उत्पत्ति हैं और प्रत्येक प्राणी [[Special:MyLanguage/seven rays|सात किरणों]] में से किसी एक किरण के मार्ग पर चलता है।
श्याम वर्ण के बहुत सारे लोगों ने मोक्ष प्राप्त किया है, पर अगर हम आध्यात्मिक दृष्टिकोण से देखें तो पाएंगे की वर्णों में कोई भेद नहीं होता - चाहे श्वेत हो या श्याम। स्वर्ग में जो गुरु हैं वे इस बात से नहीं जाने जाते की पृथ्वी पर उनका क्या वर्ण या धर्म था। पृथ्वी पर सभी वर्णों के प्राणी ईश्वर की ही उत्पत्ति हैं और प्रत्येक प्राणी [[Special:MyLanguage/seven rays|सात किरणों]] में से किसी एक किरण के मार्ग पर चलता है। सातों किरणे ही दीक्षा के मार्ग की तरफ जाती हैं।


श्वेत वर्ण के लोग पीली (समझदारी, विवेक), गुलाबी (प्रेम, स्नेह) और सफ़ेद (शुचिता, निर्मलता) ज्योति पर निपुणता प्राप्त करने पृथ्वी पर आते हैं।  इसी वजह से इनकी त्वचा का रंग इन तीनो रंग का मिश्रण होता है। इन सब लोगों को ईश्वर के सामने इन्ही सब गुणों में अपनी निपुणता दिखानी होती है। पीली त्वचा के लोग - चीन के निवासी - समझदारी की ज्योति पर सेवारत होते हैं, वरन लाल रंग की त्वचा वालों को अपने अंदर के प्रेम को ईश्वरीय प्यार में बदलना होता है।  
श्वेत वर्ण के लोग पीली (समझदारी), गुलाबी (प्रेम) और सफ़ेद (निर्मलता) ज्योति पर निपुणता प्राप्त करने पृथ्वी पर आते हैं।  इसी वजह से इनकी त्वचा का रंग इन तीनो रंग का मिश्रण होता है। इन सब लोगों को ईश्वर के सामने इन्ही सब गुणों में अपनी निपुणता दिखानी होती है। पीली त्वचा के लोग - चीन के निवासी - समझदारी की ज्योति पर सेवारत होते हैं, वरन लाल रंग की त्वचा वालों को अपने अंदर के प्रेम को ईश्वरीय प्यार में बदलना होता है।  


श्याम वर्ण के लोग नीली और वायलेट (बैंगनी) ज्योति से आते हैं। अफ्रीका की प्राचीन सभ्यताओं में लोगों की त्वचा के रंग में नीला और बैंगनी रंग झलकता था। ये रंग परमात्मा के पिता और माता स्वरुप [[Special:MyLanguage/Alpha and Omega|अल्फा और ओमेगा]] से आते है। नीला रंग प्रथम किरण का होता है तथा वायलेट सातवीं किरण का।  
श्याम वर्ण के लोग नीली और वायलेट (बैंगनी) ज्योति से आते हैं। अफ्रीका की प्राचीन सभ्यताओं में लोगों की त्वचा के रंग में नीला और बैंगनी रंग झलकता था। ये रंग परमात्मा के पिता और माता स्वरुप [[Special:MyLanguage/Alpha and Omega|अल्फा और ओमेगा]] से आते है। नीला रंग प्रथम किरण का होता है तथा वायलेट सातवीं किरण का।  
10,486

edits