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Buddha/hi: Difference between revisions

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मैं आज आपके पास यह सन्देश लेकर आई हूँ जिसे सुनकर आप ओर अधिक दिव्य-आदेश (decrees)  करने की ज़रुरत को समझ पाएंगे। इन नौ बच्चों में से अब केवल आठ बचे हैं - एक जीवन के रंगमंच से ओझल हो चुका है। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि उस बच्चे के आसपास का वातावरण इतना अशुद्ध था और पवित्रता की लौ इतनी क्षीण थी कि उस बच्चे के हृदय में प्रकाश लाना असंभव था। इसी वजह से वह बच्चा  डाल से कटे हुए फूल की तरह गिर गया। इसलिए अब उनमे से अब सिर्फ आठ बुद्ध इस ग्रह पर हैं....
मैं आज आपके पास यह सन्देश लेकर आई हूँ जिसे सुनकर आप ओर अधिक दिव्य-आदेश (decrees)  करने की ज़रुरत को समझ पाएंगे। इन नौ बच्चों में से अब केवल आठ बचे हैं - एक जीवन के रंगमंच से ओझल हो चुका है। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि उस बच्चे के आसपास का वातावरण इतना अशुद्ध था और पवित्रता की लौ इतनी क्षीण थी कि उस बच्चे के हृदय में प्रकाश लाना असंभव था। इसी वजह से वह बच्चा  डाल से कटे हुए फूल की तरह गिर गया। इसलिए अब उनमे से अब सिर्फ आठ बुद्ध इस ग्रह पर हैं....


जब तक इस ग्रह पर इन बुद्धों और ईश्वर के सभी पुत्रों के लिए प्रतिदिन दिल से ईश्वर का आह्वान नहीं किया जाता, तब तक पृथ्वी उन नेताओं से वंचित रहेगी जिनकी शासन प्रणाली, धर्म, कला, विज्ञान और अन्य क्षेत्रों में आवश्यकता है - ऐसे नेता ही मानव जाति को [[Special:MyLanguage/golden age|स्वर्ण युग]] में ले हजा सकता है।
जब तक इस ग्रह पर इन बुद्धों और ईश्वर के सभी पुत्रों के लिए प्रतिदिन दिल से ईश्वर का आह्वान नहीं किया जाता, तब तक पृथ्वी उन नेताओं से वंचित रहेगी जिनकी शासन प्रणाली, धर्म, कला, विज्ञान और अन्य क्षेत्रों में आवश्यकता है - ऐसे नेता ही मानव जाति को [[Special:MyLanguage/golden age|स्वर्ण युग]] में ले जा सकतें है।
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