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१९६० के दशक में '''नौ दैहिक जीवधरायें''' , जिन्होंने बुद्ध की दीक्षाओं को उत्तीर्ण करने के बाद अपनी इच्छा से पृथ्वी पर जन्म लेने का निर्णय लिया ताकि वे पृथ्वीवासियों को [[Special:MyLanguage/age of Aquarius|कुम्भ राशि के युग]] (age of Aquarius) में प्रवेश करने में मदद कर सकें। मानव जाति के कल्याण के लिए उठाया गया उनका यह कदम उस वक्त पृथ्वी के लोगों द्वारा पहचाना जाएगा जब वे ईसा और बुद्ध की आयु, तैंतीस से छत्तीस वर्ष, तक पहुंच जाएंगे। | १९६० के दशक में '''नौ दैहिक जीवधरायें''' , जिन्होंने बुद्ध की दीक्षाओं को उत्तीर्ण करने के बाद अपनी इच्छा से पृथ्वी पर जन्म लेने का निर्णय लिया ताकि वे पृथ्वीवासियों को [[Special:MyLanguage/age of Aquarius|कुम्भ राशि के युग]] (age of Aquarius) में प्रवेश करने में मदद कर सकें। मानव जाति के कल्याण के लिए उठाया गया उनका यह कदम उस वक्त पृथ्वी के लोगों द्वारा पहचाना जाएगा जब वे ईसा और बुद्ध की आयु, तैंतीस से छत्तीस वर्ष, तक पहुंच जाएंगे। | ||
४ नवम्बर १९६६ में कैलिफ़ोर्निया के लॉस एंजेलिस शहर में दी गयी एक दिव्य वाणी में [[Special:MyLanguage/Goddess of Purity|गॉडेस ऑफ़ प्यूरिटी]] ने कहा | ४ नवम्बर १९६६ में कैलिफ़ोर्निया के लॉस एंजेलिस शहर में दी गयी एक दिव्य वाणी में [[Special:MyLanguage/Goddess of Purity|गॉडेस ऑफ़ प्यूरिटी]] ने कहा: | ||
(In a dictation given November 4, 1966, in Los Angeles, California, the [[Goddess of Purity]] said:) | (In a dictation given November 4, 1966, in Los Angeles, California, the [[Goddess of Purity]] said:) | ||
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