Jump to content

El Morya/hi: Difference between revisions

Created page with "थॉमस मोर अपनी तीक्ष्ण बुद्धि और हाज़िरजवाबी के लिए जाने जाते थे। लेखक एंथनी केनी का मानना ​​है कि मोर का विश्वास था कोई भी अच्छा आदमी प्रतिकूल परिस्थितियों और संकट का सामना चुपचाप इ..."
(Created page with "जब उन्होंने सर्वोच्चता की शपथ (Oath of Supremacy) लेने से इनकार किया तो मोर को टॉवर ऑफ लंदन में कैद कर दिया गया - शपथ लेते का अर्थ होता कि वे पोप की सर्वोच्चता को अस्वीकार कर राजा हेनरी को अंग्रेज...")
(Created page with "थॉमस मोर अपनी तीक्ष्ण बुद्धि और हाज़िरजवाबी के लिए जाने जाते थे। लेखक एंथनी केनी का मानना ​​है कि मोर का विश्वास था कोई भी अच्छा आदमी प्रतिकूल परिस्थितियों और संकट का सामना चुपचाप इ...")
Line 74: Line 74:
जब उन्होंने सर्वोच्चता की शपथ (Oath of Supremacy) लेने से इनकार किया तो मोर को टॉवर ऑफ लंदन में कैद कर दिया गया -  शपथ लेते का अर्थ होता कि वे पोप की सर्वोच्चता को अस्वीकार कर राजा हेनरी को अंग्रेजी चर्च का प्रमुख मान रहें हैं। पंद्रह महीने बाद, झूठे सबूतों के आधार पर उन्हें राजद्रोह का दोषी ठहराया गया। ६ जुलाई १५३५ को टॉवर हिल पर उनका सिर काट दिया गया।  मोर ने हमेशा खुद को "राजा का अच्छा सेवक, लेकिन भगवान का पहला सेवक" बताया था। इसके लगभग ४०० साल बाद १९३५ में मोर को संत घोषित किया गया।
जब उन्होंने सर्वोच्चता की शपथ (Oath of Supremacy) लेने से इनकार किया तो मोर को टॉवर ऑफ लंदन में कैद कर दिया गया -  शपथ लेते का अर्थ होता कि वे पोप की सर्वोच्चता को अस्वीकार कर राजा हेनरी को अंग्रेजी चर्च का प्रमुख मान रहें हैं। पंद्रह महीने बाद, झूठे सबूतों के आधार पर उन्हें राजद्रोह का दोषी ठहराया गया। ६ जुलाई १५३५ को टॉवर हिल पर उनका सिर काट दिया गया।  मोर ने हमेशा खुद को "राजा का अच्छा सेवक, लेकिन भगवान का पहला सेवक" बताया था। इसके लगभग ४०० साल बाद १९३५ में मोर को संत घोषित किया गया।


Thomas More was known for his wit. Author Anthony Kenny observes that More “is the first person to embody the peculiarly English ideal that the good man meets adversity and crisis not with silent resignation nor with a sublime statement of principle, but with a joke. One of More’s most recent biographers has very well said, ‘More was never more witty than when he was least amused.’”
थॉमस मोर अपनी तीक्ष्ण बुद्धि और हाज़िरजवाबी के लिए जाने जाते थे। लेखक एंथनी केनी का मानना ​​है कि मोर का विश्वास था कोई भी अच्छा आदमी प्रतिकूल परिस्थितियों और संकट का सामना चुपचाप इस्तीफा देकर या सिद्धांत के उत्कृष्ट बयान के साथ नहीं, बल्कि एक परिहास के साथ करता है। मोर के सबसे हालिया जीवनीकारों में से एक के अनुसार, 'जब मोर सबसे ज़्यादा नाखुश होते थे, तभो वह सबसे ज़्यादा मज़ाक भी करते थे।'


Lawyer, judge, statesman, man of letters, author, poet, farmer, lover of pastoral life, ascetic, husband and father, champion of women’s education, humanist and saint, Thomas More was outstanding among the avant-garde of the English Renaissance.
Lawyer, judge, statesman, man of letters, author, poet, farmer, lover of pastoral life, ascetic, husband and father, champion of women’s education, humanist and saint, Thomas More was outstanding among the avant-garde of the English Renaissance.
7,234

edits