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मैं ईश्वर का क्रियात्मक रूप हूँ। आज मैं आपके पास परदेश वास (Immigration) के विषय में अद्भुत (wondrous) विचार - कार्यों में कृतज्ञता का भाव - प्रकट करने के लिए | मैं ईश्वर का क्रियात्मक रूप हूँ। आज मैं आपके पास परदेश वास (Immigration) के विषय में अद्भुत (wondrous) विचार - कार्यों में कृतज्ञता का भाव - प्रकट करने के लिए आयी हूँ।आप इस बात को जान लीजिये कि हमारा इरादा अमेरिका को एक ऐसा देश बनाने का था जहां के लोग सदा कृतज्ञता के साथ कार्य करें जिसके फलस्वरूप उनमें स्वतंत्रता का वह अद्भुत रवैया पैदा हो जो लोगों को उनके स्वयं के दिल में रहनेवाले ईश्वर के प्रति उत्तरदायी बनाये। | ||
ईश्वर के हृदय से इस अनमोल पृथ्वी पर आना एक सुनहरा अवसर है। और ईश्वर के हृदय में वापस जाना भी एक सुन्दर अवसर है। इसलिए मनुष्यों को कृतज्ञता के इस वरदान को स्वीकार करना चाहिए - "सदा कृतज्ञता के भाव में रहना चाहिए!" मानव जाति को हमेशा ईश्वर के प्रति कृतज्ञ रहना चाहिए।<ref>स्वतंत्रता की देवी, ''लिबर्टी प्रोक्लेम्स'' (१९७५), पृष्ठ १३, १५- १६. (The Goddess of Liberty, ''Liberty Proclaims'' (1975), pp. 13, 15–16.)</ref> | ईश्वर के हृदय से इस अनमोल पृथ्वी पर आना एक सुनहरा अवसर है। और ईश्वर के हृदय में वापस जाना भी एक सुन्दर अवसर है। इसलिए मनुष्यों को कृतज्ञता के इस वरदान को स्वीकार करना चाहिए - "सदा कृतज्ञता के भाव में रहना चाहिए!" मानव जाति को हमेशा ईश्वर के प्रति कृतज्ञ रहना चाहिए।<ref>स्वतंत्रता की देवी, ''लिबर्टी प्रोक्लेम्स'' (१९७५), पृष्ठ १३, १५- १६. (The Goddess of Liberty, ''Liberty Proclaims'' (1975), pp. 13, 15–16.)</ref> | ||
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