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लोग अक्सर कर्म को भगवान का क्रोध मानते हैं, वे यह सोचते हैं कि वर्तमान का बुरा समय उनके पूर्व में किये गए किसी बुरे कर्म का फल है। यह अवधारणा लूसिफ़ेर जैसे पथभ्रष्ट देवदूतों द्वारा फैलाई गई है। ये अवधारणाएँ सच्चे ईसाई सिद्धांत को विफल करने के लिए लूसिफ़ेर (Lucifer) द्वारा प्रतिपादित की गई हैं। | लोग अक्सर कर्म को भगवान का क्रोध मानते हैं, वे यह सोचते हैं कि वर्तमान का बुरा समय उनके पूर्व जन्मों में किये गए किसी बुरे कर्म का फल है। यह अवधारणा लूसिफ़ेर जैसे पथभ्रष्ट देवदूतों द्वारा फैलाई गई है। ये अवधारणाएँ सच्चे ईसाई सिद्धांत को विफल करने के लिए लूसिफ़ेर (Lucifer) द्वारा प्रतिपादित की गई हैं। | ||
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