Translations:Maha Chohan/29/hi
पृथ्वी पर जन्म एवं मृत्यु दोनों समय महा चौहान हमारी सेवा में रहते हैं। जन्म के क्षण वह शरीर में सांस फूंकने और / त्रिज्योति लौ को प्रज्वलित करते हैं। इस समय ही/ त्रिज्योति लौ को हृदय के गुप्त कक्ष में प्रवेशित किया जाता है।