Translations:Maha Chohan/28/hi
फिर महा चौहान ने हमें बताया कि इस सदी के अंतिम कुछ सालों के दौरान ईश्वर चक्राकार गति से ब्रह्मांडीय ऊर्जा पृथ्वी पर भेजेंगे जिससे ईश्वर की पवित्र आत्मा सभी जीवों - पुरुष, स्त्री, बच्चे, तथा प्रकृति - में प्रवेश करेगी। पच्चीस साल के अभ्यास काल के दौरान ये तय किया जाएगा कि अपने समर्पण, त्याग एवं आत्म-शुद्धि द्वारा क्या मानवजाति ईश्वर की पवित्र आत्मा के लिए कोई देवालय स्थापित कर पायी कि नहीं।"</ref>आइबिड</ref>