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Goddess of Liberty/hi: Difference between revisions

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मैं ईश्वर का क्रियात्मक रूप हूँ। आज मैं आपके पास परदेश वास (Immigration) के विषय में अद्भुत (wondrous) विचार - कार्यों में कृतज्ञता का भाव  - प्रकट करने के लिए आयी हूँ। आप इस बात को जान लीजिये कि हमारा इरादा अमेरिका को एक ऐसा देश बनाने का था जहां के लोग कार्रवाई में सदा कृतज्ञता, ब्रह्मांडीय स्वाधीनता  की घंटी की शक्ति के माध्यम से, स्वतंत्रता का वह अद्भुत मनोभाव पैदा करेगी जो लोगों को उनके दिल के गढ़ (citadel) के भीतर ईश्वर के प्रति उत्तरदायी बना देगी....
मैं ईश्वर का क्रियात्मक रूप हूँ। आज मैं आपके पास परदेश वास (Immigration) के विषय में अद्भुत (wondrous) विचार - कार्यों में कृतज्ञता का भाव  - प्रकट करने के लिए आयी हूँ। आप इस बात को जान लीजिये कि हमारा इरादा अमेरिका को एक ऐसा देश बनाने का था जहां के लोग कार्रवाई में सदा कृतज्ञता, ब्रह्मांडीय स्वाधीनता  की घंटी की शक्ति के माध्यम से, स्वतंत्रता का वह अद्भुत मनोभाव पैदा करेगी जो लोगों को उनके दिल के गढ़ (citadel) के भीतर ईश्वर के प्रति उत्तरदायी (responsive) बना देगी....
 
 
 
 
  कृतज्ञता के साथ कार्य करें जिसके फलस्वरूप उनमें स्वतंत्रता का वह अद्भुत रवैया पैदा हो जो लोगों को उनके स्वयं के दिल में रहनेवाले ईश्वर के प्रति उत्तरदायी बनाये।
 
 
तो फिर, देखिए, अमेरिका को एक ऐसी भूमि बनाने का इरादा था जहां


ईश्वर के हृदय से इस अनमोल पृथ्वी पर आना एक सुनहरा अवसर है। और ईश्वर के हृदय में वापस जाना भी एक सुन्दर अवसर है। इसलिए मनुष्यों को कृतज्ञता के इस वरदान को स्वीकार करना चाहिए - "सदा कृतज्ञता के भाव में रहना चाहिए!" मानव जाति को  हमेशा ईश्वर के प्रति कृतज्ञ रहना चाहिए।<ref>स्वतंत्रता की देवी, ''लिबर्टी प्रोक्लेम्स'' (१९७५), पृष्ठ १३, १५- १६. (The Goddess of Liberty, ''Liberty Proclaims'' (1975), pp. 13, 15–16.)</ref>
ईश्वर के हृदय से इस अनमोल पृथ्वी पर आना एक सुनहरा अवसर है। और ईश्वर के हृदय में वापस जाना भी एक सुन्दर अवसर है। इसलिए मनुष्यों को कृतज्ञता के इस वरदान को स्वीकार करना चाहिए - "सदा कृतज्ञता के भाव में रहना चाहिए!" मानव जाति को  हमेशा ईश्वर के प्रति कृतज्ञ रहना चाहिए।<ref>स्वतंत्रता की देवी, ''लिबर्टी प्रोक्लेम्स'' (१९७५), पृष्ठ १३, १५- १६. (The Goddess of Liberty, ''Liberty Proclaims'' (1975), pp. 13, 15–16.)</ref>
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